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ऑपरेशन पठानकोटः टैंक से उड़ाया गया 5वां आतंकी

पठानकोट में वायुसेना के एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद पिछले 3 दिनों
से जारी ऑपरेशन संभवत: आज खत्म हो जाएगा। सोमवार को पांचवें और
छठे आतंकियों को मार गिराने के लिए कैंटीन की इमारत को टैंक से
उड़ा दिया गया, जिसके बाद कैंटीन वाली इमारत के मलबे से एक
आतंकी की लाश मिली। इसी
कैंटीन की तरफ से रुक-रुक कर गोलीबारी
हो रही थी। बचे हुए आतंकी इस बिल्डिंग
की कैंटीन में ही छिप गए थे। वे टेक्निकल एरिया में
घुसना चाहते थे। रिपोर्ट्स में छठे और अंतिम आतंकी की लाश
भी वहां से मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ये आतंकी दो मंजिला बैरक में अलग होकर घुसे थे। इसके बाद
गोलीबारी के कारण उसमें घुसना मुमकिन नहीं था,
इसलिए बिल्डिंग को गिराने का फैसला किया गया। बिल्डिंग में कुछ और आतंकियों के
घुसने की आशंका के मद्देनजर अभी कॉम्बिगं ऑपरेशन
जारी है, लेकिन बताया जा रहा है कि इसकी उम्मीद
कम है।
लाश मिलने के बाद फरेंसिक टीम वहां पहुंच गई है। माना जा रहा है कि देर
शाम तक ऑपरेशन खत्म घोषित किया जा सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि फरेंसिक
टीम अंदर जाकर सबूत जुटाएगी।
समाचार एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि एयरबेस में छिपे
5वें आतंकी को भी मार गिराया गया है।
इससे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि अब तक चार
आतंकवादी मारे जा चुके हैं, जबकि 2 बचे हुए आतंकियों को खत्म करने
के लिए ऑपरेशन अंतिम चरण में है।
रविवार रात के बाद सोमवार सुबह भी गोलियों और विस्फोटों की
आवाजें 10 बजे तक आती रहीं, हालांकि इसके बाद यह
सिलसिला रुक गया। आंतकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन में एनएसजी के एक
लेफ्टिनेंट कर्नल समेत सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो चुके हैं।
मृत आतंकी के शरीर से जिंदा ग्रेनेड उतारने की
कोशिश में एनएसजी के बम निरोधक दस्ते के सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल ई
के निरंजन घायल हो गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई थी। इस
विस्फोट में चार अन्य सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए थे। डिफेंस
सिक्यॉरिटी कोर (डीएससी) के तीन घायल
जवानों की शनिवार की रात मौत हो गई, जबकि गरुड़ कमांडो
गुरुसेवक सिंह और डीएससी के दो अन्य सदस्य शनिवार को
जारी गोलीबारी में मारे गए।